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…जब पत्नी ने कहा था, ‘मेरे पति के टुकड़े-टुकड़े कर लाश ठिकाने लगाना’ 

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[विरेंद्र आर्य ]

मुंबई: अग्नि को साक्षी मानकर जिस के साथ सात जन्मों तक साथ जीने-मरने की कसम खायी थी अपने उसी पति-परमेश्वर के टुकड़े-टुकड़े करवाकर फिकवा दिए थे 60 बरस की बंसीबेन किसन खारवा ने। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस महिला ने अपने पति किसन को मौत के घाट उतारने के लिए अपना मंगलसूत्र गिरवी रखकर कैश का जुगाड़ किया था।
आज से करीब कुछ 12 साल पहले किसन खारवा की बेरहमी से हत्या कर दी गयी थी। उसकी बॉडी एक जगह से बरामद हुई थी जबकि खोपड़ी और शरीर के बाकि हिस्से दूसरी जगह से। पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद भी केस सॉल्व नहीं हो रहा था। थक हार कर पुलिस ने केस ही बंद कर दिया था।
लेकिन एक मामूली से केस की पड़ताल करते हुए मुंबई की एमआरए मार्ग पुलिस नागपाड़ा के दो-टांकी के दो बदमाशों, इरशाद और फिरासद तक पहुंची। दोनों बदमाशों से पुलिस ने अपने स्टाइल से पूछताछ शुरू की तो पुलिस भी सहम गयी जब इन बदमाशों ने छोटे छोटे अपराधों के अलावा किसन खारवा के मर्डर की बात भी कबूल की।
इन्वेस्टीगेशन के दौरान इन बदमाशों ने पुलिस को बताया कि किसन की पत्नी बंसीबेन ने ही उन्हें दो लाख की सुपारी दी थी और इसके साथ यह हिदायत भी दी थी कि किसन के टुकड़े-टुकड़े कर के फेंकना ताकि किसी को उसकी पहचान न हो सके।बदमाशों की बातों का पहले तो पुलिस ऑफिसर्स को भी यकीन नहीं हुआ लेकिन जब बंसीबेन से पूछताछ हुई तो किसन करवा मर्डर मिस्ट्री के एक एक पेंच खुलकर सामने आ गए। जिया न्यूज़ मुंबई से बात करते हुए एमआरए मार्ग पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर सुखलाल वर्पे ने कहा,” मुंबई का एक बेहद खौफनाक मर्डर सॉल्व हो गया।”सीनियर इंस्पेक्टर सुखलाल वर्पे बताया की इरशाद और फिरासद से इन्वेस्टीगेशन करना काफी चैलेंजिंग था क्यूंकि दोनों छटे हुए बदमाश हैं। सीनियर इंस्पेक्टर सुखलाल वर्पे ने इस बात का भी खुलासा किया कि फिरासत अली नयी दिल्ली के राजोरी गार्डन पुलिस स्टेशन के मर्डर के एक केस में उम्रकैद की सजा काट रहा था लेकिन जेल से पैरोल पर छूटने के बाद वापिस जेल नहीं गया था और दिल्ली पुलिस उसे सरगर्मी से तलाश रही थी।
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