स्विट्जरलैंड का नाम जुबान पर आते ही ज़ेहन में पहाड़ों और खूबसूरत वादियों की तस्वीर दस्तक देने लगती है और साथ ही दस्तक देती है स्विट्जरलैंड की बैंकों में पूरी दुनिया के रईसों की जमा की गई रकम कहानी।

लेकिन हाल में स्विस फेडरल इंस्टीट्यूट ऑफ एक्वेटिक साइंस एंड टेक्नोलॉजी के साइंटिस्टों ने देश के 64 वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की स्टडी की। जिसमें सामने आया कि यहां हर साल करीब 44 किलो सोना जिसकी कीमत 14 करोड़ रुपए आकि गई नालियों में बह जाता है। दरअसल, ये सोना रिफाइनरी की गलती से बर्बाद हो रहा है। सोना ही नहीं, 13 करोड़ रुपए कीमत की करीब 3000 किलो चांदी भी हर साल बर्बाद होती है।

आलम ये था कि लोगों को नालों में सोना चांदी मिलने की जैसे ही भनक लगी तो उन्होंने अपने घरों और आसपास की नालियों की सफाई अभियान शुरू कर दिया। हालांकि इससे पहले ही जांचकर्ताओं ने साफ कर दिया कि ये धातुएं सूक्ष्म कणों के रूप में मिले हैं।

जैसा की स्विट्जरलैंड में लोगों के पास बेशुमार दौलत होने की वजह से ये देश दुनिया के संपन्न देशों में शुमार है। यही वजह है कि वहां के नाले भी उसकी संपन्नता को बयां करते हैं।

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