मुहब्बत में मेजर की वाइफ का क़त्ल –
 

नयी दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने इंडियन आर्मी के मेजर अमित द्विवेदी की पत्नी शैलजा की मर्डर मिस्ट्री 24 घंटे में सॉल्व कर की है। पुलिस ने शैलजा के कत्ल के इल्जाम में इंडियन आर्मी के मेजर निखिल हांडा को मेरठ से अरेस्ट किया है।

दिनदहाड़े चीर दिया था शैलजा का गला –
 
बता दें कि सैटरडे,23 जून की शाम पश्चिम दिल्ली के कैंट मेट्रो स्टेशन के पास शैलजा का दिनदहाड़े गला चीर दिया गया था और इसके बाद उसे गाडी के नीचे कुचल दिया गया था। मेजर अमित द्विवेदी ने अपनी पत्नी शैलजा की मिसिंग कंप्लेंट भी रजिस्टर करवाई थी।
 
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ब्यूटीफुल थी मेजर की वाइफ शैलजा –
 
मेजर अमित द्विवेदी ने पुलिस को जो कहानी अपने स्टेटमेंट में लिखित दी उसे जिसने भी सुना और पढ़ा उसकी आँखों में न सिर्फ आंसू छलक आए बल्कि मेजर अमित द्विवेदी के लिए सहानुभूति का सागर भी उमड़ आया। मेजर अमित द्विवेदी ने अपने स्टेटमेंट में बताया कि कुछ साल पहले ही बेहद खूबसूरत,सुशील, पढ़ी -लिखी और समझदार शैलजा उसकी जिंदगी में आयी थी। शैलजा के जिंदगी में आने से पहले मेजर अमित द्विवेदी की सिर्फ एक ही मेहबूबा थी, उसका फर्ज। 
 
दोनों थे एक दूसरे की जान, लेकिन –
 
शादी के बाद मेजर अमित द्विवेदी शैलजा से भी उतना ही प्रेम करने लगे जितना अपने देश और फ़र्ज़ से करते थे। शैलजा भी मेजर अमित से बेइंतहा प्रेम करने लगी थी,अपने मां-बाप से भी ज्यादा।इनकी ज़िंदगी में सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था लेकिन इसी बीच मेजर अमित द्विवेदी की पोस्टिंग नागालैंड के सबसे बड़े शहर दीमापुर हो गयी और यहां आने के बाद दोनों की ज़िंदगी में ट्विस्ट आ गया।
 
हस्बैंड के दोस्त से ही जोड़ लिए शैलजा ने रिश्ते –
 
यह ट्विस्ट था मेजर अमित द्विवेदी के दोस्त मेजर निखिल हांडा का शैलजा की जिंदगी में आना। ड्यूटी में ज्यादा व्यस्त रहने के कारण मेजर अमित द्विवेदी अपनी जान शैलजा को ज्यादा टाइम नहीं दे पा रहे थे। शैलजा टाइम पास करने के लिए आर्मी मेस में चली जाया करती थी और इसी दौरान शैलजा की मुलाकात मेजर निखिल हांडा से होने लगी। मेजर निखिल हांडा और शैलजा की नजदीकियां बढ़ती चली गयी, कल तक जो शैलजा के लिए अजनबी था आज वो शैलजा के बेहद करीब आ गया था। 
 
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तंग आकर मेजर ने ट्रांसफर ले लिया – 
 
मेजर निखिल हांडा और शैलजा के बीच के रिश्ते दोस्ती से आगे बढ़ गए थे, ऐसे रिश्ते को न तो समाज स्वीकार करता है और न ही कानून। शैलजा और मेजर हांडा के नाजायज संबंधों की कहानी मेजर अमित द्विवेदी के कानों तक भी पहुंची लेकिन मेजर अमित को जान से प्यारी पत्नी शैलजा पर विश्वास था कि वो किसी भी हालात में गलत रस्ते पर नहीं चल सकती। 6 महीने पहले ही मेजर अमित द्विवेदी ने दीमापुर से ट्रांसफर ले लिया और नयी दिल्ली आ गए।  
 
दिल्ली आते ही शैलजा का व्यवहार बदल गया –
 
दिल्ली आते ही शैलजा का व्यवहार बदल गया। शैलजा के बदलते व्यवहार और आक्रामक होते तेवर से मेजर अमित द्विवेदी को भी यकीन आ गया कि दीमापुर में जो कहानी उन्होंने सुनी थी वो सही थी। मेजर अमित द्विवेदी शैलजा से इतना प्यार करते थे कि अपनी पत्नी की बेवफाई के बावजूद उसे अपने घर में जगह दी और उसे समझाया। शैलजा भी समझ गयी और उसने मेजर निखिल हांडा से दूरियां बनाने की ठान ली। 
 
शैलजा ने बना ली मेजर ‘दोस्त’ से दूरियां –
 
शैलजा ने मेजर हांडा से बात करना छोड़ दिया। शैलजा के बदलते ऐटिटयूड से मेजर निखिल हांडा पागल सा हो गया। मेरठ के दौराला का रहने वाला मेजर निखिल हांडा छुट्टी लेकर घर आया और शैलजा से मिलने की जिद करने लगा लेकिन शैलजा ने उससे मिलने से साफ़ इंकार कर दिया। सैटरडे को शैलजा मेजर हांडा से आखिरी बार मिलने को तैयार हो गयी और उसे आर्मी हॉस्पिटल में मिलने को बुलाया।
 
दूरियां रास नहीं आयी मेजर ‘दोस्त’ को और –
 
हॉस्पिटल से निकलने के बाद दोनों मेजर हांडा की कार से निकल गए। बीच रास्ते में दोनों के बीच कुछ ऐसा हुआ कि मेजर निखिल हांडा ने कार में रखा चाकू निकल कर शैलजा की गर्दन चीर दी और उसे कार से नीचे फेंक कर उसे कार से कुचल दिया। शैलजा का कत्ल करने के बाद मेजर निखिल हांडा फरार हो गया, शायद वो भूल गया था कि अपराध का रास्ता ज्यादा लंबा नहीं होता।

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