मुंबई : ‘बिहार के सिंघम’ से मशहूर महाराष्ट्र केडर के आई.पी.एस ऑफिसर शिवदीप लांडे मुंबई में अपने जलवे दिखाकर ‘मुंबई का सिंघम’ बनने का सपना दे रहे हैं। इसी लिए एंटी-नार्कोटिक्स सेल के डीसीपी शिवदीप लांडे दिन में भी ड्यूटी बजा रहे हैं और रात में भी। दिन में उनका मिशन नशे के सौदागरों को दबोचना है और रात में मुंबई के कुख्यात डांस बारों पर ताबड़तोड़ छापे मार कर कानून का कत्ल करने वाले बार मालिकों पर शिकंजा कसना है।

लोकल पुलिस की ‘सेटिंग’ से चलता है धंधा –
 
बता दें कि मुंबई के डांस बार दुनिया भर में अपनी रंगीन रातों के के लिए कुख्यात हैं। डांस बारों पर पाबंदी के बावजूद बार मालिक लोकल पुलिस को ‘सेट’ कर अपना धंधा आबाद किए हुए हैं। डीसीपी शिवदीप लांडे को समाज सेवा शाखा(सोशल सर्विस ब्रांच) का एडिशनल चार्ज दिया गया है। सोशल सर्विस ब्रांच मुंबई क्राइम ब्रांच की वो शाखा है जिसके ज़िम्मे ऐसे धंधों पर लगाम कसना है जो समाज के कानून को धत्ता बता कर समाज में ज़हर घोल रहें हैं। वैसे पुलिस डिपार्टमेंट में सोशल सर्विस ब्रांच को सबसे मलाईदार यूनिट माना जाता है।
 
बार मालिकों के लिए लादेन हैं डीसीपी लांडे –
 
सूरज ढलते ही डांस बारों में रातें रंगीन होने लगती हैं और  डीसीपी शिवदीप लांडे  के खबरियों की टीम भी अपनी कमर कस लेती है। जैसे जैसे रात गहराने लगती है वैसे वैसे डीसीपी शिवदीप लांडे खबरियों की अपनी टीम की टिप पर बार में रेड करने निकल जाते हैं।डांस बार पर की गयी रेड को डीसीपी शिवदीप लांडे और उनकी टीम ‘सक्सेस’ बताकर एक दूसरे की पीठ ठोक लेते हैं।
 
कहीं खबरियों के चक्रव्यू में तो नहीं फंस गए लांडे –
 
जैसे जैसे रेड सक्सेस हो रही है वैसे वैसे डीसीपी शिवदीप लांडे को अपने खबरियों पर विश्वास बढ़ता जा रहा है लेकिन शिवदीप लांडे के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कहीं वे ऐसे शातिर खबरियों के ‘चक्रव्यू’ में तो नहीं फंसते जा रहे जिनका धंधा डांस बार में रेड करवाने के बाद ज्यादा फलता-फूलता है।
 
रेड करवा कर बढ़ जाता है ‘महीना’ –
 
बता दें कि मुंबई में खबरियों के कुछ गैंग ऐसे हैं जो पुलिस को टिप देकर रेड करवाते हैं फिर धंधों पर उनकी दहशत बढ़ती जाती है और फिर यह खबरी बार मालिकों या क्लब मालिकों से मन मुताबिक एक्सटॉरशन करते हैं। इतना ही नहीं इन शातिर खबरियों का ‘महीना’ भी शुरू हो जाता है।
 
pc:mumbaimirror
हॉकी मैन पर भी उठी उंगलियां –
 
गौर करने वाली बात यह है कि सोशल सर्विस ब्रांच में जो भी डेरिंगबाज़ पुलिस ऑफिसर पोस्टिंग पर आता है खबरियों के यह गैंग मक्खी की तरह उस ऑफिसर के साथ चिपक जाते हैं। बीते दिनों मुंबई पुलिस में हॉकी मैन से कुख्यात रिटायर्ड एसीपी वसंत ढोबले ने जब सोशल सर्विस ब्रांच की कमान संभाली थी तब उनके आशीर्वाद से मुंबई के कई खबरी गैंग खुलकर धंधा चला रहे थे। कुछ बार मालिकों ने इन खबरी गैंग के खिलाफ पुलिस कंप्लेंट भी दर्ज करवाई थी,जिस वजह से वसंत ढोबले पर भी उंगलियां उठने लगी थी।
 
खबरियों के पेरोल पर पलते हैं कुछ पुलिस वाले –
 
यहां चौंकाने वाला सत्य यह है कि पुलिस के ही कुछ ऑफिसर्स और जवान खबरियों के हाथ की कठपुतली बने हुए हैं। ऐसे में अपनी छवि को नीट एंड क्लीन रखने के लिए डीसीपी शिवदीप लांडे को सबसे पहले उन ‘विभीषणों’ को ढूंढ निकालना होगा जो डिपार्टमेंट को ही धोखा देने में लगे हैं।

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