अमित शाह की उद्धव ठाकरे से मुलाकात –
 

मुंबई: मुंबई के बांद्रा में ठाकरे की पुस्तैनी कोठी ‘मातोश्री’ में 05 जून, बुधवार को बीजेपी चीफ अमित शाह और शिवसेन सेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे के बीच बंद कमरे में दो घंटे मीटिंग हुई।

दो घंटे बंद कमरे में चली मीटिंग –
 
घंटों चली इस मीटिंग में क्या हुआ इसके बारे में सिर्फ अमित शाह और उद्धव ठाकरे ही बेहतर जानते हैं लकिन बीजेपी और शिवसेना हाई-कमान के नजदीकियों के दावे हैं कि दोनों पार्टियों के चीफ इस बात से सहमत हुए है कि दोनों को एक दूसरे की पीठ लहूलुहान नहीं करनी चाहिए।
 
पालघर उप-चुनाव के बाद बढ़ी दरार –
 
बता दें कि शिवसेना तभी से बीजेपी पर वार करती आ रही है जबसे बीजेपी सत्ता में आयी। इसका नतीजा यह हुआ कि बीजेपी के नेताओं ने भी खुलकर शिवसेना को चुनौती देनी शुरू कर दी।हाल ही में हुए ठाणे के पालघर उपचुनाव में बीजेपी और शिवसेना के बीच जो ‘कोल्डवॉर’ हुआ उसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि शिवसेना और बीजेपी के बीच रिश्ते नदी के दो किनारों की तरह हो जाएंगे जो चलेंगे तो साथ साथ लेकिन मिलेंगे कभी नहीं।
 
शिवसेना नेताओं ने कहा,तोड़ दो रिश्ते –
 
पालघर उप-चुनाव में हार के बाद शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे ने अपने ‘खास’ लोगों के साथ अर्जेंट मीटिंग की। ‘मातोश्री’ से जुड़े लोगों ने जिया न्यूज़ मुंबई से बात करते हुए इस दावे पर मोहर लगा दी कि अब शिवसेना ने बीजेपी के खिलाफ खुलकर मैदान में उतरने के लिए लंगोट कस लिया है और महाराष्ट्र में शिवसेना गवर्नमेंट से बाहर निकल आएगी। वो इस लिए कि उद्धव ठाकरे के साथ हुई मीटिंग में सभी ‘खास’ लोगों का एक ही मत था कि शिवसेना को अपनी साख बचाने के लिए तत्काल प्रभाव से बीजेपी से रिश्ता तोड़ देना चाहिए।
 
उद्धव ठाकरे ने कर दिया ऐलान –
 
शिवसेना चीफ ने अपने लोगों के साथ मीटिंग खत्म करते ही प्रेस कांफ्रेंस का ऐलान कर दिया। मीडिया और पॉलिटिकल गलियारों में मैसेज पहुंच गया कि उद्धव ठाकरे ने बीजेपी से रिश्ते खत्म करने का फैसला कर लिया है और प्रेस-कांफ्रेंस में इसका ऑफिसियल ऐलान कर दिया जाएगा।
 
लेकिन नहीं की रिश्ते तोड़ने की बात –
 
उद्धव ठाकरे दलबल के साथ प्रेस-कांफ्रेंस में पहुंचे और प्रेस से रूबरू होते ही बीजेपी पर आरोपों की झड़ी लगा दी लेकिन इस प्रेस कांफ्रेंस में वो नहीं हुआ जिसका इंतज़ार मीडिया के अलावा महाराष्ट्र की राजनीतिक पार्टियां और जनता कर रही थी। उद्धव ठाकरे ने बीजेपी से नाता तोड़ने का जिक्र करना तो दूर जब मीडिया ने उनसे बीजेपी से अलग होने के बारे में सवाल दागे तो उल्टा वे मीडिया पर ही बरस पड़े।  
 
एक फ़ोन कॉल से ठंडे पड़ गए थे उद्धव के तेवर –
 
‘मातोश्री’ से जुड़े सूत्र दावा करते हैं कि चीफ ने बीजेपी से अलग होने का मन बना लिया था लेकिन प्रेस-कांफ्रेंस के लिए निकलने से चंद मिनट पहले आए एक फ़ोन कॉल ने पूरा सिनेरियो ही बदल दिया और उद्धव ठाकरे के तेवर नर्म पड़ गए।
 
किसने किया था फ़ोन कॉल –
 
‘मातोश्री’ से जुड़े सूत्र ने यह तो नहीं बताया कि कॉल कहां से आया था और किस ने उद्धव ठाकरे से बात की थी लेकिन इस सूत्र ने जिया न्यूज़ मुंबई से यह जरूर कहा था कि कुछ दिनों में बीजेपी नेशनल प्रेजिडेंट अमित शाह शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे से मीटिंग करने वाले हैं। और ऐसा ही हुआ, बीजेपी चीफ अमित शाह मुंबई के दौरे पर आए और उद्धव ठाकरे से ‘मातोश्री’ के बंद कमरे में दो घंटे मीटिंग की।
 
ऑल-इज़ वेल लेकिन  –
 
शिवसेना हाई-कमान से जुड़े सूत्रों का दावा है कि बीजेपी चीफ अमित शाह से हुई मीटिंग में शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे ने साफ़ कर दिया कि विधान परिषद में शिवसेना किसी भी प्रकार का गठबंधन बीजेपी के साथ नहीं करेगी। वहीँ बीजेपी से जुड़े लोगों का दावा है कि अमित शाह और उद्धव ठाकरे के बीच हुई मीटिंग के बाद सब कुछ ठीक हो गया है। 
 
मीटिंग में हाथ तो मिले लेकिन दिल नहीं – 
 
बीजेपी और शिवसेना भले ही इस बात का खम थोक रही हो कि अमित शाह और उद्धव ठाकरे की मीटिंग के बाद सब ठीक हो गया है लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति को बारीकी से समझने वालों का दावा है कि शाह और ठाकरे की मुलाकात में हाथ तो मिले लेकिन दिल नहीं।   

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here