वसई-पालघर(ठाणे) : महाराष्ट्र में पार्टी की ज़मीन बचाने में जुटे मनसे चीफ राज ठाकरे को लगा जैसे गरीब की रोटी खाने से उनका वोट बैंक ही मजबूत होगा और उनका राजनीतिक कद भी। इसी लिए राज ठाकरे ने अपने वसई-पालघर के दौरे के दौरान अपनी पार्टी के वाडा तहसील के अध्यक्ष के घर पेट भर कर खाना खाया।

पार्टी के आदिवासी कार्यकर्ता के घर खाया खाना –

 
2 मई को राज ठाकरे वसई-पालघर के दौरे पर थे। राज ठाकरे ने पालघर में एक जनसभा को भी संबोधित किया और पार्टी की नींव मजबूत करने के लिए अपने कार्यकर्ताओं से खुलकर चर्चा भी की। राज ठाकरे जिला पालघर की तहसील वाडा में कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे थे और दोपहर को उन्होंने ने वाडा के कुंतल गांव में अपनी पार्टी के वाडा अध्यक्ष रवि जाधव के घर लंच भी किया।
 
‘गरीब के घर रोटी’ का किया सोशल मीडिया पर प्रचार –
 
मुंबई लौटकर राज ठाकरे ने इंग्लिश और मराठी भाषा में ट्वीट किए। राज ठाकरे ने अपने ट्वीट में लिखा,” पालघर दौरे के दौरान अपनी पार्टी के वाडा तहसील अध्यक्ष रवि जाधव के साथ खाना खाया और आदिवासी पाड़ा में खाना खाकर मुझे बहुत आनंद आया।”
 
राहुल-अमित की राह पर राज –
 
राज ठाकरे के ट्वीट के साथ ही महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा शुरू हो गयी। पॉलिटिकल पंडितों ने इसे राज ठाकरे की लंच डिप्लोमसी से जोड़ दिया। राजननीतिक गलियारों में लोगों ने चुटकी लेनी शुरू कर दी कि राज भी राहुल गांधी और अमित शाह की राह पर चल निकले हैं।
 
ख़बरों में जगह तो मिलेगी लेकिन वोट बैंक नहीं –
 
कुछ पॉलिटिकल पंडितों का यह भी दावा है कि आदिवासी के घर खाना खाने से राज ठाकरे मराठी न्यूज़ पेपर्स और चैनल्स की सुर्खियां तो बटोर सकते हैं लेकिन ‘गरीब की रोटी’ मराठी माणूस को मनसे के वोट बैंक में तब्दील नहीं कर सकती।

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