नई दिल्ली

देश में मज़हम के नाम पर जहर घोलने की कोशिश से कुछ लोग बाज़ नहीं आ रहे हैं। ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सामने आया है।जहां एक शख्स ने सिर्फ इसलिए अपनी ओला कैब बुकिंग को कैंसल कर दिया क्योंकि उसका ड्राइवर मुस्लिम था। जी हां, खुद को विश्व हिंदू परिषद का मेंबर बताने वाला ये शख्स है अभिषेक मिश्रा जिसकी इस हरकत के बात किए गए ट्वीट ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है।

‘जिहादियों’ को अपने पैसे नहीं देना चाहता

रिपोर्ट के मुताबिक, अभिषेक मिश्रा ने 20 अप्रैल को ने ओला से कैब बुक किया। लेकिन बुकिंग कन्फर्म होने के बाद जब उसने देखा कि ड्राइवर मुस्लिम है तो उसने बुकिंग कैंसल कर दी। हद तो तब हो गई जब उसने अपनी इस हरकत बड़ी शान से मज़हबी रंग देते हुए, अपनी बुकिंग कैंसल का स्क्रीन शॉट ओला कैब अकाउंट को ट्विटर पर टैग करते हुए शेयर किया। जिसमें ड्राइवर का नाम मसूद आलम लिखा हुआ था। साथ ही उसने लिखा- ”मैंने ओला कैब रद्द कर दी है, क्योंकि ड्राइवर मुस्लिम था ‘वह ‘जिहादियों’ को अपने पैसे नहीं देना चाहता।’ हैरानी की बात ये है कि अभिषेक की इस हरकत पर उसी की तरह ही सोच रखने वाले लोग उसे शाबाशी करते हुए भी नज़र आये।

ओला ने सिखाया सबक

हालाकिं, अभिषेक की इस हरकत का ओला ने भी करारा जवाब दिया। अभिषक के ट्वीट का जवाब देते हुए ओला ने लिखा कि हमारे देश की तरह ओला भी सेक्युलर है और हम अपने ड्राइवर पार्टनर या कस्टमर में जाति, धर्म, लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करते। हम अपने सभी कस्टमर्स और ड्राइवर पार्टनर्स से आग्रह करते हैं कि एक दूसरे का सम्मान करें।

आपको बता दें कि अभिषेक मिश्रा का ट्विटर हैंडल वेरिफाइड है और उसके 16 हजार से ज़्यादा लोग फॉलो करते हैं। अकाउंट के मुताबिक, वो विश्व हिंदू परिषद का मेंबर है। उसने खुद को हिंदुत्व थिंकर और डिजिटल और सोशल मीडिया एडवाइज़र बताया है।

मिनिस्टर्स भी करते है फॉलो

हैरानी की बात तो ये है कि अभिषेक को फॉलो करने वालों में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमन, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संस्कृति मंत्री महेश शर्मा शामिल हैं। इसके अलावा वह पीएम नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात भी कर चुका है। जिसकी तस्वीर हादसे के बाद खूब वायरल हो रही है।

ट्विटर पर बरसे लोग

वहीं, सोशल मीडिया यूज़र्स ने अभिषेक की इस हरकत पर उसे खूब लताड़ भी लगाई। कई लोगों ने उससे कहा कि उसे पेट्रोल लेना भी बंद कर देना चाहिए क्योंकि वह मिडिल ईस्ट से आता है। कईयों ने ओला से मांग की कि उसे अपने प्लेटफॉर्म से बैन कर दें।

आपको बता दें कि अभिषेक मिश्रा को 2014 चुनाव में ‘आई सपोर्ट नमो’ अवार्ड मिल चुका है।

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