[सुमन कौशिक ]

 
ठाणे : डोंबिवली का मराठी लड़का आगामी 27 अप्रैल को जैन धर्म की दीक्षा लेगा। मंदार महात्रे की उम्र सिर्फ 19 साल की है।
 
बचपन से जाता था जैन मंदिर –
 
अपने माता -पिता का एकलौता बेटा मंदार महात्रे बचपन से ही अपने पड़ोसियों के साथ घर के नजदीक के जैन मंदिर में प्रार्थना के लिए जाया करता था और धीरे-धीरे वो जैन धर्म के नियमों को समझने लगा।
 
जैन मुनि के विचारों से हुआ प्रभावित –
 
मंदार महात्रे जब मंदिर में प्रार्थना करने जाता तब उसका परिचय एक जैन मुनि से हुआ और उनसे मन ही मन जैन मुनि को अपना गुरु मान लिया। मंदार महात्रे ने जब अपने परिजनों को जैन धर्म की दीक्षा लेने की बात कही तो उसके परिजन पहले थोड़ा परेशान हो गए लेकिन अपने लाडले की इच्छा के आगे परिजनों को झुकना पड़ा और फिर उन्होंने मंदार की सभी बातों को स्वीकार कर लिया।
 
दीक्षा को यादगार बनाने में जुड़े परिजन –
 
आज जब मंदार जैन धर्म की दीक्षा लेने जा रहा है तो उसके माता-पिता की ख़ुशी का ठिकाना नहीं है। देश के पहले गैर-जैन शख्स का जैन धर्म की दीक्षा लेना चर्चा का विषय बना हुआ है। मंदार के परिजन,रिश्तेदार और जैन समाज के लोग 27 अप्रैल को होने वाले उसके दीक्षा समारोह को यादगार बनाने में जुटे हैं।
 
 

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