[भारत कविरत्न ]
 
प्रत्येक नवरात्र में माता के आगमन एवं प्रस्थान का विशेष महत्व होता है। 
 
देवी किस वाहन पर सवार होकर धरती पर अवतरित होती हैं, और किस वाहन पर सवार होकर प्रस्थान, अर्थात अपने लोक को गमन करती हैं। 
 
उसके आधार पर विद्वान ज्योतिष, आने वाले वर्ष में धरती पर होने वाली प्रत्येक गतिविधि और उसका मानव पड़ने वाले शुभाशुभ प्रभाव की भविष्यवाणी करते हैं। 
 
आगमनः
 
देवी भागवत के अनुसार इस वर्ष नवरात्र बुधवार से शुरू हुए हैं। इस वर्ष माता रत्न जड़ित नौका पर सवार होकर आईं हैं। नौका पानी पर चलती है तो इस वर्ष नवरात्र से पहले ही देशभर में भरपूर वर्षा हुई। जन धन की हानि हुई। 
 
इस वर्ष देश, दुनिया में राजनीति और अर्थव्यवस्था डगमगाती रहेगी। 
 
सट्टेबाजी में लाभ के अनेक अवसर होंगे। 
खेती भरपूर होगी। 
 
इस वर्ष देशवासियों के जीवन में सुख और समृद्धि आएगी। 
 
साधकों के लिए यह वर्ष उत्तम फलदायी है। 
 
प्रस्थानः
 
इस वर्ष माता दशमी को श्वेत गज अर्थात एरावत हाथी पर सवार होकर आशीर्वाद मुद्रा में अपने लोक को प्रस्थान करेंगी।
 
एरावत पर प्रस्थान ऐश्वर्य का सूचक है। 
 
अर्थात नवरात्र के बाद धन धान्य में वृद्धि और जनता के लिए सुखद समय आने के संकेत हैं। 
 
देवी भागवत पुराण में वर्णित हैः 
*शशिसूर्ये गजारूढ़ा 
*शनिभौमे तुरंगमे
*गुरौ शुक्रै च दोलायां
*बुधे नौका प्रकीतिता।
 
जिया न्यूज़ मुंबई के सभी भक्तों को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं 

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