[खालिद खान ]

घायल रेल यात्रियों और शव को उठाने की नहीं है कोई ठोस व्यवस्था –

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मुंबई: आप की अनमोल ज़िंदगी को इंडियन रेलवे दांव पर लगा रही है, आप को हमारी बात पर शायद विश्वास न हो लेकिन एक आरटीआई से इस बात का खुलासा हुआ है कि आपातकाल या किसी दुर्घटना के वक़्त रेलवे के पास इंजर्ड या मृत पैसेंजर को हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए कोई परमानेंट सॉलूशन नहीं है। 

 
आप के साथ न हो कभी ऐसा –
 
अगर आप मुंबई की लोकल ट्रेन में ट्रेवल करते हैं तो अपनी जेब में अपना एड्रेस और फ़ोन नंबर जरूर रखें। भगवान न करें कि कभी आप के साथ कुछ अनहोनी हो लेकिन दुर्भाग्यवश अगर कोई अनहोनी हो गयी तो आप को हॉस्पिटल पहुंचाने वाला रेल अधिकारी या हेल्पर स्टेशन पर शायद नहीं मिले। वो इस लिए कि रेलवे ने घायल या मृत व्यक्ति को उठाने के लिए कोई परमानेंट व्यवस्था नहीं की है।
 
 
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आरटीआई से हुआ खुलासा –
 
आरटीआई एक्टिविस्ट शकील अहमद शेख ने जिया न्यूज़ मुंबई से बात करते हुए बताया कि उन्होंने इंडियन रेलवे से इस बारे में जानकारी मांगी थी कि कितने रेलवे स्टेशन पर कितने हादसे हुए और हादसे के शिकार लोगों को हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए कितने कर्मचारी ड्यूटी बजाते हैं। शकील की माने तो उन्हें जो इनफार्मेशन रेलवे की तरफ से दी गयी है उसके मुताबिक हादसे के शिकार मुसाफिरों को उठाने और उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए रेलवे ने किसी को भी नियुक्त नहीं किया है बल्कि स्टेशन मास्टर लोकल हेल्पर या फिर किसी गरीब मजदूर को थोड़ा सा मेहनताना देकर काम करवाते हैं।
 
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…तो बच सकती थीं कई ज़िंदगियां –
 
बता दें कि रेलवे ने हादसे के शिकार मुसाफिरों के जो आंकड़े शकील को दिए हैं उनके मुताबिक मुंबई उपनगरीय रेलवे में 2017 में ट्रेन से गिरकर या कटकर 3014 मुसाफिरों की मौत हुई है जबकि ट्रेन से गिरकर घायलों की संख्या 3345 है। सेंट्रल रेलवे की उपनगरीय रेलवे लाइन पर 1534 मुसाफिरों मौत हुयी है और घायलों की संख्या 1435 है। वहीं वेस्टर्न रेलवे के उपनगरीय स्टेशन पर कुल 1086  मुसाफिरों की जान गयी और 1540 इंजर्ड हुए। इसके अलावा हार्बर उपनगरीय रेलवे लाइन पर मरने वालों का आंकड़ा 394 है जबकि इंजर्ड हुए मुसाफिरों की संख्या 370 है।
 
अब तो जागो रेल मंत्री जी –
 
शकील शेख का दावा है कि उन्होंने रेलवे मिनिस्टर पियूष गोयल और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी को पत्र लिखकर इस बाबत अवगत करवाया है और रिक्वेस्ट की है कि हादसे के शिकार मुसाफिरों को समय रहते हॉस्पिटल पहुंचाया जा सके इसके लिए इंडिया के हर रेलवे स्टेशन पर स्पेशल वर्कर्स की अपॉइंटमेंट की जाए जो हादसे के वक़्त ड्यूटी पर तैनात रहें और मुसाफिरों की अनमोल जिंदगी से खिलवाड़ रुक सके।

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