कर्नाटक इलेक्शन में दिखा शिवसेना का कांग्रेस प्रेम –
 

मुंबई: जनता जनार्धन को साक्षी मानकर शिवसेना ने बीजेपी के साथ सत्ता में आने के लिए ‘सात फेरे’ लिए थे। अभी दोनों का हनीमून ख़त्म भी नहीं हुआ था कि शिवसेना ने अपने ‘खसम’ की पीठ में वार करने शुरू कर दिए। शिवसेना के लीडर्स ने बीजेपी और नरेंद्र मोदी के खिलाफ ज़हर उगलना शुरू कर दिया।

संजय राउत ने कहा, कांग्रेस होगी न.1 पार्टी –

 
शिवसेना के सीनियर लीडर संजय राउत ने बीजेपी का कद छोटा करने के लिए और बीजेपी के लीडर्स का कॉन्फिडेंस कम करने के लिए नया वार किया। कर्नाटक इलेक्शन के मद्देनज़र शिवसेना के लीडर संजय राऊत ने सीना ठोक कर ऐलान कर दिया कि कर्नाटक में कांग्रेस नंबर-वन पार्टी बनकर उभरेगी। शिवसेना अपने ‘खसम’ की पीठ पर वार करने का एक भी मौका नहीं छोड़ना चाहती।
 
शिवसेना और बीजेपी की तोपें एक दूसरे पर दाग रही है आरोपों के गोले –
 
गठबंधन के बावजूद शिवसेना की तोप बीजेपी के खिलाफ जमकर आग उगल रही है।यहां शिवसेना प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर वार करती है वहां बीजेपी से भी उन्हें करारा जवाब मिल जाता है।
 
शिवसेना मिनिस्टर ने कहा था, इस्तीफा जेब में है –
 
पिछले साल की ही बात है जब बीजेपी और शिवसेना की तोपें एक दूसरे के सीने पर चढ़ आईं थी और नौबत यहां तक आ गयी थी कि शिवसेना के कुछ लीडर्स ने मीडिया के सामने खुला चैलेंज कर दिया था कि शिवसेना के मिनिस्टर अपना इस्तीफा जेब में लेकर घूम रहे है और उन्हें तो बस अपने ‘बॉस’ के इशारे का इंतज़ार है।शिवसेना ने ‘खसम’ के घर को हमेशा के लिए छोड़कर मायके जाने की धुन पकड़ ली थी।
 
अपोजिशन ने कहा, नहीं रहा शिवसेना में बालासाहेब जैसा दम –
 
लेकिन शिवसेना की धमकी सिर्फ ‘हुलपट्टी’ पर ख़त्म हो गयी। अपोजिशन ने शिवसेना को घेरना शुरू कर दिया। शिवसेना पर आरोपों की झड़ी लगा दी। अपोजिशन ने शिवसेना को बीजेपी के खिलाफ उकसाने का एक भी मौका नहीं छोड़ा। शिवसेना हाईकमान पर कांग्रेस और एनसीपी ने आरोपों के गोले दागने शुरू कर दिए, कहा गया कि शिवसेना लीडरशिप खोखला हो गया है, शिवसेना लीडर्स अब अपनी जुबान के पक्के नहीं रहे। यहां तक कहा गया कि शिवसेना में अब वो दम नहीं रहा जो बाला साहेब के दौर में हुआ करता था।
 
शरद पवार ने कहा था,शुरू करो इलेक्शन की तैयारी –
 
यहां बीजेपी और शिवसेना के बीच तलवारें खिंची हुई थी वहां महाराष्ट्र की दूसरी पॉलिटिकल पार्टियों और जनता ने दम थाम लिया था। शिवसेना और बीजेपी के बीच छिडे  ‘गृहयुद्ध’ पर सट्टा बाजार भी गर्म हो गया था। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने तो पार्टी लीडर्स की मीटिंग बुलाकर अपने लीडर्स और वर्कर्स को इलेक्शन की तैयारी शुरू करने के हुक्म तक सुना दिए थे।
 
सत्ता के घर से कोई बाहर नहीं निकलना चाहता –
 
अपोजिशन के आरोपों का न तो शिवसेना को फर्क पड़ा और न ही बीजेपी को। शिवसेना ने न तो ‘खसम’ बीजेपी का घर छोड़ा और न ही शिवसेना के लीडर्स ने बीजेपी की पीठ में खंजर घोंपना कम नहीं किया। शिवसेना ने बीजेपी का हर मोर्चे पर विरोध करना शुरू कर दिया। सत्ता के घर में दोनों एक दूसरे पर ‘राइफल’ ताने खड़े हैं लेकिन घर से बाहर निकलना कोई भी नहीं चाहता।
 
‘घर में बर्तन बजते ही हैं’ –
 
जिया न्यूज़ मुंबई से बात करते हुए बीजेपी के एक लीडर ने कहा,” जिस घर में बर्तन होंगे वे बजेंगे भी और छोटे-मोठे झगडे से घर में प्यार कम नहीं होता लेकिन शिवसेना को पीठ में वार नहीं करना चाहिए।”   

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