नई दिल्ली

हाल में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने सांसदों, मिनिस्टरों और विधायकों को संभल कर बोलने की नसीहत दी थी। लेकिन लगता है पीएम की हिदायत का इन पर कोई खास असर नहीं हुआ है, तभी तो पार्टी के सांसद हो या विधायक या फिर मंत्री सभी की आये दिन ज़ुबान फिसलती रहती है।

ताज़ा बवाल मचा है यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बयान से, दरअसल मंत्री जी का मानना है कि ‘सबसे ज़्यादा शराब यादव और राजपूत कम्युनिटी के लोग पीते है।

शुक्रवार को वाराणसी दौरे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के अध्‍यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने यहां सर्किट हाउस में शरबबंदी मुद्दे पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि ‘सबसे ज़्यादा यादव और राजपूत शराब पीते हैं और यह उनका पुश्तैनी कारोबार है।’ इस दौरान राजभर ने बिहार की तर्ज पर उत्‍तर प्रदेश में भी शराबबंदी को लेकर आवाज उठाई।

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ओमप्रकाश के विवादित बयान से नाराज़ समाजवादी छात्र सभा और युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने उनके घर पर नारे लगाकर विरोध जताया, साथ ही अंडे और टमाटर फेंकते हुए राजभर की नेम प्लेट भी उखाड़ कर फेंक दिया। इतना ही है गुस्साएं लोगों ने मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की।

अब राजभर के इस बयान से राजनीति गलियारे में फिर से खलबली मच गई है। इसके साथ ही राजपूत और यादव कम्युनिटी के लोग योगी के मंत्री की जमकर आलोचना कर रहे हैं।

इस बीच यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए योगी के मंत्री की क्लास ली और कहा ”केवल शराब ही क्यों गांजा-चिलम, ताड़ी, तम्बाकू, चरस, अफ़ीम की पुड़िया और अहंकार के ख़िलाफ़ भी आंदोलन होने चाहिए… ये नशे भी तो आजकल ख़ूब चल रहे हैं। नशा लोग करते हैं, कोई जाति नहीं।”

हालाकिं, योगी ने अपने मंत्री के इस बयान से किनारा कर लिया है। आपको बता दें कि ओमप्रकाश राजभर आए दिन बीजेपी के खिलाफ बयानबाज़ी देते रहते है। हाल में उन्होंने पीएम पर निशाना साधते हुए कहा था कि चार साल के मोदी राज में एक भी अच्छा काम नहीं हुआ है।

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