ठाणे : मुंबई को अपने बाप की जागीर समझने वाली डी-कंपनी को एक और झटका लगा जब ठाणे की एंटी एक्सटॉरशन सेल ने दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील के सबसे भरोसेमंद तारिक़ परवीन को अरेस्ट किया।

डी-कंपनी का मैनेजर है तारिक़ –
 
डी-कंपनी में तारिक़ परवीन को ‘मैनेजर’ बोला जाता है और वो इस लिए तारिक़ परवीन कंपनी के किसी भी मसले को चुटकी में मैनेज कर लिया करता है। गैंग के सभी काम खासकर बिल्डर्स को मैनेज करना और कंस्ट्रक्शन का धंधा संभालना तारिक के जिम्मे था। साल 2004 में तारिक़ परवीन को दुबई से डिपोर्ट किया गया था।
 
जिसे थी ठाणे पुलिस को तलाश वो है बड़े साहब का खास –
 
मुंबई में उस पर कोई खास क्रिमिनल केस नहीं थे सो जल्द ही जेल से आज़ाद हो गया। जेल से बाहर आकर उसने कंपनी का कंस्ट्रक्शन का धंधा संभाल लिया और फिर धीरे धीरे मुंबई पुलिस के बहुत बड़े ऑफिसर के बेहद करीब आ गया। जब ठाणे की एंटी एक्सटॉरशन सेल ने दाऊद इब्राहिम के भाई इक़बाल कासकर को एक्सटॉरशन केस में अरेस्ट किया तब तारिक़ परवीन ने अपने पुलिस वाले ‘सर’ को रास्ता निकालने को कहा लेकिन ‘सर’ ने साफ़ इंकार कर दिया क्यूंकि तारिक़ परवीन के ‘सर’ ठाणे पुलिस के इस एक्शन से खुद बेहद तिलमिलाए हुए थे। 
  
बड़े इंस्पेक्टर को ‘फिट’ करने की जुगत में था तारिक़ –
 
इक़बाल कासकर की गिरफ़्तारी के बाद डिपार्टमेंट में चर्चा तेज हो गयी कि मुंबई पुलिस और ठाणे पुलिस में ‘गैंगवार’ छिड़ गया है। इसके अलावा अंदर की खबर तो यह भी है कि अपने ‘सर’ के साथ मिलकर तारिक़ परवीन ठाणे पुलिस के एक हाई प्रोफाइल इंस्पेक्टर को ‘फिट’ करने की जुगत में भी लगा था लेकिन उसकी दाल नहीं गली। 
 
20 साल पहले किया था मर्डर,आज फंसा शिकंजे में –
 
बहरहाल तारिक़ परवीन को साल 1998 में ठाणे के मुंब्रा एरिया में हुए एक सनसनीखेज मर्डर केस में ठाणे की एंटी एक्सटॉरशन सेल ने अरेस्ट किया है। ठाणे की एंटी एक्सटॉरशन सेल के चीफ प्रदीप शर्मा ने बताया कि उन्हें इन्फॉर्मॅट से जानकारी मिली थी कि 1998 में मुंब्रा के मर्डर केस में तारिक़ परवीन आज भी वांटेड है,जिसके बाद पूरे केस को खंगाला गया और खबर पुख्ता होने परतारिक़ परवीन को अरेस्ट कर लिया गया।
 
ग्लोबल टेररिस्ट दाऊद इब्राहिम के बारे में होंगें और खुलासे –
 
ठाणे पुलिस दावे कर रही है कि तारिक़ परवीन की गिरफ़्तारी से ग्लोबल टेररिस्ट दाऊद इब्राहिम और उसके काले साम्राज्य की और पुख्ता इनफार्मेशन एजेंसीज को हासिल होगी। बता दें कि दाऊद इब्राहिम के भाई इक़बाल कासकर की गिरफ़्तारी के बाद की गयी इन्वेस्टीगेशन में पुलिस के अलावा देश की एजेंसियों को डी-कंपनी और उससे जुड़े लोगों की ऐसी इनफार्मेशन सामने आयी थी जिसे पाकिस्तान ने झुठला दिया था।
 

 

 
 

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