मुंबई

केंद्र में एनडीए और महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार की सहयोगी शिवसेना अक्सर ही मोदी सरकार के नेतृत्व और सरकार के फैसलों की खुलेआम आलोचना करती रहती है।

इस बीच बीजेपी ने अपने सबसे पुराने राजनीतिक साथी शिवसेना को मनाने के लिए एक बड़ा ऑफर दिया लेकिन शिवसेना ने एक बार फिर बीजेपी को न उम्मीद कर दिया। दरअसल, एनडीए ने अपनी सहयोगी पार्टी शिवसेना के चीफ उद्धव ठाकरे को संदेश भेजकर सुलह की उम्मीद जताई। बीजेपी के नेशनल प्रेसिडेंट अमित शाह के प्रपोज़ल के बावजूद शिवसेना ने कहा है कि चुनावों में ‘अकेले उतरने’ की उसकी रणनीति में कोई बदलाव नहीं होगा।

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श‍िवसेना के सीनियर लीडर सुभाष देसाई ने आरोप लगाया कि बीजेपी का प‍िछले छह महीने में सुर बदल गया है। अब ये एनडीए के बारे में बात कर रहे हैं। बीजेपी की एक नीति है कि पहले वह अपने सहयोगियों का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करती है और बाद में उन्हें निकाल फेंकती है।

बीजेपी फाउंडेशन डे (6 अप्रैल) पर मौजूद अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि बीजेपी को इस बात की उम्मीद है कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना एनडीए में बने रहेगी। शाह ने कहा था, ‘वे (शिवसेना) अभी हमारे साथ सरकार में हैं। शाह ने कहा, यह हमारी प्रबल इच्छा है कि वह हमारे साथ बने रहें।’

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