ग्वालियर

अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवावरण अधिनियम (एससी/एसटी एक्ट) में बदलाव के खिलाफ सोमवार को दलितों के भारत बंद का असर देश के 12 राज्यों में देखा गया। लेकिन इन सबमें सबसे ज्यादा हिंसक वारदातें मध्य प्रदेश में हुईं। भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश से दिनभर पत्थरबाजी, आगजनी और फायरिंग की खबरें आती रहीं।

इस बीच सबसे ज़्यादा जिसने ध्यान खींचा वो था एक वीडियो, दरअसल एमपी के ग्वालियर से सामने आए इस वीडियो में एक शख्स रिवाल्वर से फायरिंग करता दिख रहा है। ये शख्स सीधे गोली चलाता हुआ वीडियो में नजर आ रहा है।

शुरुआत में इस शख्स को भारत बंद के समर्थन में उतरा प्रदर्शनकारी बताया गया लेकिन जल्द ही इस शख्स की असलियत से पर्दा उठा गया। दरअसल इस शख्स का दलितों के साथ दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं है। ये वो मौकापरस्त लोगों में से एक है जो देश में प्रदर्शन और जाति की आड़ में दंगा करते है। इस शख्स का नाम है राजा सिंह चौहान, इस शख्स पर आरोप है कि इसने भारत बंद को हिंसक बनाने के लिए प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाकर तीन लोगों की जान ली है।

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गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के बसपा लीडर देवाशीष जरारिया ने इस शख्स की पोल खोलते हुए सोशल मीडिया पर उसकी असली पहचान ग्वालियर के राजा सिंह चौहान के तौर पर बताई है। उन्होंने बताया कि राजा स्कूल में उनका सीनियर रहा है और बंद को बदनाम करने के लिए उसने गोली चलाकर तीन लोगों की हत्या कर दी।

जररिया ने अपने ट्विटर अकाउंट ने इस शख्स की फेसबुक प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट और उसकी तस्वीर भी शेयर करते हुए ट्वीट किया कि ग्वालियर में गोली चला रहा शख्स राजा सिंह चौहान है। इसके सभी साथी तोमर बिल्डिंग चौहान प्याऊ ग्वालियर के रहने वाले है। इसने गोली चलाकर दलित समुदाय के 3 लोगो को मार दिया है। ये शख्स स्कूल में मेरा सीनियर था। उन्होंने लिखा ये है वो राजा चौहान जिसने शांति पूर्ण प्रदर्शन कर रहे आन्दोलकारियों पर गोली चलाई है। देवाशीष का दावा है कि पहचान होने के बाद राजा चौहान ने फेसबुक से अपना अकाउंट डिलीट कर दिया है। जिसके बाद हमने राजा चौहान को सोशल मीडिया पर ढूंढ़ने की कोशिश की लेकिन उसका कोई प्रोफ़ाइल नहीं मिला। जिससे देवाशीष का दावा सच साबित होता दिख रहा है।

इसलिए अब जब आरोपी की पहचान हो गयी है तो पुलिस को भी इस मामले में ठोस कदम उठाना चाहिए और राजा जैसे मौकापरस्त लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में देरी नहीं करनी चाहिए।

आपको बता दें कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के एससी-एसटी एक्ट पर फैसले के खिलाफ दलित संगठनों के बुलाए भारत बंद ने कई शहरों में हिंसक रूप ले लिया था। मध्य प्रदेश के कई शहरों मे कर्फ्यू भी लगाना पड़ा है। उत्तर प्रदेश के भी कई शहरों में धारा 144 लगी हुई है। बंद के दौरान फैली हिंसा में देश भर में कुल 14 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। ज्यादातर जगहों पर स्कूल-कॉलेज बंद हैं। देश के कई इलाकों में हालत अभी भी समान्य नहीं हुए है।

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