नई दिल्ली

लोकपाल और किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे की सारी मांगे मोदी सरकार ने मान ली हैं। जिसके बाद अन्ना ने 23 मार्च से शुरू अपने अनशन को आखिरकार 29 मार्च को समाप्त कर दिया है। अन्ना का आंदोलन छह तक चला। आपको बता दें कि बुधवार को अन्ना हजारे की तबीयत बेहद नाजुक हो गई थी। छह दिन में उनका साढ़े पांच किलो वजन घट गया है।

गुरुवार को केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अनशन स्थल पर पहुंचकर अन्ना को सरकार की तरफ से उनकी मांगों को पूरी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद सीएम फडणवीस ने अन्ना को नारियल पानी पिलाकर अनशन खत्म कराया।

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इस दौरान सरकार ने अन्ना को भरोसा दिलाया कि वह लोकपाल की नियुक्ति शीघ्र करेंगे। सरकार ने अन्ना से 6 महीने का समय माँगा है। अन्ना ने साफ किया है कि मांगें पूरी न होने पर फिर अन्ना धरने पर बैठेंगे।

आपको बता दें कि भारतीय किसान यूनियन समेत देश के कई दूसरे किसान संगठनों ने अन्ना के इस आंदोलन को समर्थन दिया।

आपको बता दें कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाले अन्ना हजारे ने भले ही 2013 में लोकपाल बिल पास करवाकर उस वक्त की जंग जीत ली थी, लेकिन बिल पास होने के 5 साल बाद भी लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं हुई।जिसे लेकर अन्ना दोबारा अनशन पर थे।

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